Saturday, August 5, 2023

18 सितंबर को लखनऊ में करेंगे किसान-मजदूर महापंचायत-चौधरी राकेश टिकैत

दिनांक-05.08.2023
प्रेस नोट
 सिंचाई की मुफ्त बिजली,गन्ना मूल्य वृद्धि व गन्ना भुगतान,बाढ़ व सूखे से प्रभावित हुई फसलों का मुआवजा,एमएसपी गारंटी कानून सहित सभी मुद्दों को लेकर 18 सितंबर को लखनऊ में करेंगे किसान-मजदूर महापंचायत-चौधरी राकेश टिकैत
 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में ट्रैक्टर मार्च निकालकर 
जिलाधिकारी को सौंपेंगे ज्ञापन
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)- उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित हजरतगंज प्रेस क्लब में प्रेस को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत जी ने कहा कि आज पूरे देश का किसान सरकार की असंगत नीतियों के कारण आज उसके दुष्परिणाम झेल रहा है। किसान के ये हालत हो गए हैं कि परिवार का पालन-पोषण करना भी भारी हो रहा है, महंगाई के इस दौर में आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान-मजदूर के परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर इसका गहरा असर पहुंचा है,केंद्र सरकार किसानों को उनका अधिकार एमएसपी को गारंटी कानून का दर्जा देकर फसलों का वाजिब भाव देने का काम करें। इसके साथ-साथ सरकार नकदी की फसलों का भी एक निर्धारित मूल्य तय करे,सी2$50 और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करें। एनजीटी के कानून से कृषि में उपयोग होने वाले यंत्रों को बाहर किया जाए और साथ-साथ ही कृषि में उपयोग होने वाले यंत्रों व वस्तुओं पर लगने वाली जीएसटी बंद की जाए।
राष्ट्रीय प्रवक्ता जी ने कहा कि देश के कई राज्य भूमि अधिग्रहण की समस्या से त्रस्त है अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो लखनऊ, आजमगढ़, वाराणसी, गौतमबुद्धनगर सहित बहुत से जनपदों के किसान भूमि अधिग्रहण को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश की सरकार ने किसानों को सिंचाई की मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी, जो कि आज तक भी अमल में नहीं आई है। मुफ्त बिजली की घोषणा के बाद भी निजी नलकूप पर सरकार मीटर लगवाने का काम कर रही है। हम लखीमपुर कांड के दोषियों को सजा व किसानों को रिहा करने, गन्ना मूल्य वृद्धि व गन्ना भुगतान, सिंचाई की मुफ्त बिजली, आवारा पशु व जंगली जानवरों की समस्या, सूखे और बाढ़ की चपेट में आये जनपद की फसलों के मुआवजा, उर्वरक केंद्रों पर उर्वरक की उपलब्धता ना होने सहित इन सभी समस्याओं को लेकर 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में ट्रैक्टर मार्च निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे और 18 सितंबर को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दिवसीय किसान-मजदूर महापंचायत का आयोजन करेंगे पंचायत के माध्यम से प्रदेश सरकार को चेताने का काम करेंगे अगर हमारी समस्याओं का हल नहीं होता तो हम देशभर में जाएंगे और एक देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

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