Wednesday, March 16, 2011

किसानों के लिए घातक होगा नया बीज विधेयक : नीतीश

किसानों के लिए घातक होगा नया बीज विधेयक : नीतीश


 पटना, जागरण ब्यूरो
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्र सरकार द्वारा संसद में पेश किये जाने वाले नए बीज विधेयक को किसानों के लिए घातक करार दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इसमें आवश्यक संशोधन के लिए हस्तक्षेप करने कहा है। उन्होंने इस संबंध में केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को भी पत्र लिखा है।

श्री कुमार ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य बीजों की बिक्री, इसके आयात-निर्यात तथा गुणवत्तायुक्त बीज के उत्पादन का संचालन करना है। परन्तु, गुणवत्ता को मूल्य से पूरी तरह अलग नहीं किया जा सकता है। अगर उचित मूल्य पर किसानों को बीज उपलब्ध नहीं होंगे तो विधेयक लाने का कोई मतलब नहीं रहेगा। निजी कंपनियां तथा मल्टीनेशनल कंपनियों के इस क्षेत्र में आ जाने से मूल्य पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है। एनएससी जैसी पब्लिक सेक्टर कंपनियां जहां सौ रुपये से भी कम दाम पर एक किलोग्राम बीज उपलब्ध कराती हैं, वहीं निजी कंपनियों के बीज सैंकड़ों रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। विधेयक में मूल्य पर नियंत्रण का भी प्रावधान रहना चाहिए। फिर से रजिस्ट्रेशन कराने के विधेयक में बने प्रावधान से निजी कंपनियों का कम से कम 20 सालों तक वर्चस्व रहेगा। यह किसी भी कीमत पर इस कारण भी मंजूर नहीं होगा कि बीज पर पिछले दरवाजे से निजी कंपनियां का नियंत्रण हो जाएगा।

पत्र में कहा गया है-'जेनेटिकली मोडिफाइड फसलों के बिना सुरक्षा उपाय के उपयोग किये जाने का मैं विरोधी हूं। इस संबंध में मैंने केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री को पत्र भी लिखा है। जीएम बीज का निबंधन पूरी तरह से अनुसंधान कर लिये जाने के पश्चात होना चाहिए। प्रस्तावित बीज विधेयक 2002 में बनी बीज नीति के विपरीत है। नीति के मुताबिक रजिस्ट्रेशन के लिए हर प्रकार का ब्योरा नेशनल ब्यूरो आफ प्लांट जेनेटिक रिसार्सेज(एनबीपीजीआर) को नेशनल जीन बैंक में रखने के लिए भेजना है। लेकिन, नये विधेयक में ऐसे किसी प्रावधान का उल्लेख नहीं किया गया है। विधेयक में फसल फेल होने की स्थिति में किसानों को मुआवजा देने का कोई प्रावधान भी नहीं रखा गया है।'

मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में निजी कंपनियों के बीज के कारण 61 हजार हेक्टेयर में मक्का की फसल फेल हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि राज्य का विषय है, इस कारण प्रस्तावित बिल में राज्य सरकारों को बीज के दाम निर्धारित करने का अधिकार मिलना चाहिए। इस विधेयक के अस्तित्व में आते ही बीज नियंत्रण आदेश-1983 समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस आदेश में राज्य सरकार को प्रदान की गयी शक्तियों को नए विधेयक में शामिल किया जाए। स्थानीय स्तर पर बेहतर उपयोग में आने वाले बीजों के निबंधन का अधिकार राज्य सरकार को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूद स्वरूप में विधेयक का पारित किये जाने से ने केवल देश की कृषि को क्षति होगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा भी दूर का सपना हो जाएगा।

Thursday, March 10, 2011

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चाहता हूं किसानों के लिए कुछ बेहतर कर जाऊं टिकैत

चाहता हूं किसानों के लिए कुछ बेहतर कर जाऊं प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से फोन पर बातचीत करके भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत अपनी हंसी नहीं रोक सके। 15 मिनट हुई बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने सरकारी खर्चे पर उनका इलाज कराने की बात की पर टिकैत ने इसे ठुकराते हुए कहा कि उनकी हालत गंभीर है। कब क्या हो जाये पता नहीं। ऐसे में वह चाहते हैं कि किसानों के लिए केन्द्र सरकार कुछ ऐसा कर दे ताकि वह उन्हें दिल से धन्यवाद दें। उन्होंने प्रधानमंत्री से अक्टूबर 2007 में हुई बातचीत का भी जिक्र किया। कहा कि जब देश में गेहूं का संकट था तो इस मुद्दे पर उनसे बातचीत के बाद यह संकट समाप्त हुआ। ऐसे में यदि अब किसानों की मांग को सरकार गंभीरता से लेगी तो किसान ही नहीं देश भी खुशहाल होगा।

सिसौली आ सकते हैं पीएम!

सिसौली आ सकते हैं पीएम!


मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जल्द ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत से मिलने सिसौली आ सकते हैं। मंगलवार को भूमि अधिग्रहण समेत अन्य मुद्दों पर भाकियू प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता के बाद प्रधानमंत्री ने फोन पर चौ. टिकैत के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए इस बात के संकेत दिए।

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को भाकियू के नौ मार्च को प्रस्तावित आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में पीएम कार्यालय पर मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कृषि मंत्री शरद पंवार की राकेश टिकैत के नेतृत्व वाले भाकियू प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल से चौधरी टिकैत के खराब स्वास्थ्य की जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री ने वार्ता समाप्त होते ही फोन पर उनसे बात की। भाकियू के जिला प्रवक्ता अनिल मलिक और गौरव टिकैत ने बताया कि फोन पर प्रधानमंत्री ने चौधरी टिकैत को किसानों का हितैषी बताते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की कामना की।

इस दौरान टिकैत द्वारा छेड़े गए किसान हित के मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए शीघ्र सुलझाने का आश्वासन दिया और शीघ्र ही मौका मिलने पर सिसौली आने की बात कही। भाकियू के प्रतिनिधिमंडल में पार्टी महासचिव राकेश टिकैत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल, बलराम लंबरदार, राजेश चौहान, सतनाम सिंह चीमा, राजपाल शर्मा, युद्धवीर सिंह, राजपाल पूनिया और अजमेर सिंह सहित 8 लोग शामिल थे।

प्रधानमंत्री की किसानों के लिए चिंता सराहनीय

मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लगभग डेढ़ घंटे तक भाकियू के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। भाकियू अध्यक्ष चौ. महेंद्र सिंह टिकैत के न होने पर राकेश से उनके न आने के बारे में पूछा। बीमारी की बात पता चलने पर पीएम ने उनके स्वस्थ होने की मंगलकामना करते हुए कहा कि अगली वार्ता में चौधरी टिकैत की उपस्थिति होनी चाहिए। राकेश टिकैत का कहना है कि प्रधानमंत्री की सादगी और किसानों के लिए उनकी चिंता वाकई सराहनीय है।

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किसान आंदोलन प्रधानमंत्री के आश्वासन से टला

किसान आंदोलन प्रधानमंत्री के आश्वासन से टला


मुजफ्फरनगर। भूमि अधिग्रहण कानून के विरोध में भारतीय किसान यूनियन का 9 मार्च को प्रस्तावित दिल्ली घेरो आंदोलन मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ डेढ़ घंटे तक चली वार्ता के बाद टल गया है। भाकियू महासचिव राकेश टिकैत के अनुसार विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए मंत्रियों की समिति गठित करने के आश्वासन और खेती किसानी के मुद्दों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन स्थगित किया है।

भूमि अधिग्रहण समेत अन्य मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने आंदोलन की तैयारियां जोर-शोर से की थी। प्रस्तावित आंदोलन रोकने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री शरद पवार ने भाकियू प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और सह प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रियों की एक कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है।

इसी मुद्दे पर संसद सत्र के बाद दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर से वार्ता होगी।

वार्ता में शामिल नहीं हुए भाकियू सुप्रीमो

मुजफ्फरनगर। भाकियू अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे पीएम के साथ वार्ता में शामिल नहीं हुए। वार्ता पूरी होने के बाद भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने फोन पर उन्हें सभी बिंदुओं से अवगत कराया।

Wednesday, March 9, 2011

Farmers' interests will be protected: PM


source:http://www.indiainfoline.com/Markets/News/Farmers-interests-will-be-protected-PM/5101012070




India Infoline News Service / 10:24 , Mar 09, 2011

Prime Minister announced that he will convene a joint meeting with the Finance Minister and the Agriculture Minister to have an in-depth discussion on various issues raised by BKU just after the current budget session
The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh met a Bhartiya Kisan Union (BKU) delegation consisting of Rakesh Tikait, Ajmer Singh Lakhowal, President, Punjab Unit, Yudhvir Singh, All India Secretary, Putnaiyah, President, Karnataka Raiyat Sangh, Satnam Singh Cheema, All India General Secretary, Uttarakhand, Gurnam Singh, President, BKU, Haryana Unit, Deewan Chand Choudhary, President, BKU, UP Unit and Rajveer Singh, President, NCR. The Agriculture Minister and MoS (PMO) were present.

The delegation raised a number of issues, including remunerative prices for farm produce, amendment to the Land Acquisition Act, 4 per cent rate of interest for loans other than crop loan, effective implementation of the Minimum Support Price mechanism, due consideration of sensitivities about GM crops, protecting the interests of Indian farmers while engaging with WTO, FTA, etc., health insurance for farmers, ensuring farmers' interests while framing the Seed Bill and separate budget for agriculture like Railways.

The Prime Minister reiterated the government's deep concern for farmers welfare and assured that farmers' interests are paramount and will be fully protected at all times. He also assured that every year, before the budget, the government will bring out a report on the state of Indian agriculture. The government had already enhanced MSPs very substantially over the past 5-6 years. It will continue to strive to protect farmers' interests through the MSP mechanism. Regarding land acquisition, a separate meeting will be organized with Ministry of Rural Development and farmers' organizations.

The Prime Minister announced that he will convene a joint meeting with the Finance Minister and the Agriculture Minister to have an in-depth discussion on various issues raised by BKU just after the current budget session.









Famers’ interests are paramount: PM

source: http://www.inewsone.com/2011/03/08/famers-interests-are-paramount-pm/34055

New Delhi, March 8 (IANS) Prime Minister Manmohan Singh Tuesday said farmers’ interests are paramount and they will be fully protected at all times, a statement issued here said.


Manmohan Singh, who met a Bharatiya Kisan Union (BKU) delegation consisting of Rakesh Tikait, also promised that he will soon convene a joint meeting with Finance Minister Pranab Mukherjee and Agriculture Minister Sharad Pawar to discuss the farmers issue.

‘The prime minister reiterated the government’s deep concern for farmers welfare and assured that farmers’ interests are paramount and will be fully protected at all times,’ a statement issued by the prime minister’s office said here.

The prime minister also said every year, before the budget, the government brings out a report on the state of Indian agriculture.

Minister of State for Agriculture Arun Yadav was also present in the meeting.

Union leaders from Punjab, Uttarakhand, Haryana were also part of the delegation. They raised a number of issues, including remunerative prices for farm produce, amendment to the Land Acquisition Act, protecting the interests of Indian farmers and health insurance for farmers.